माँ, क्या मैं सच में आपका लायक बेटा हूँ?
माँ, क्या मैं सच में आपका लायक बेटा हूँ? 🥀 कभी-कभी रात की ख़ामोशी में इंसान ख़ुद से ऐसे सवाल पूछता है, जिनका जवाब उसके पास होते हुए भी वह स्वीकार नहीं कर पाता। आज मैं भी ख़ुद से एक सवाल पूछ रहा हूँ—क्या मैं अपनी माँ के लायक बेटा बन पाया हूँ? वही माँ, जिसने मुझे कभी रोने नहीं दिया। मेरी आँखों में आँसू आने से पहले मेरी तकलीफ़ समझ ली। जिसने मेरी एक मुस्कान के लिए अपनी हज़ार परेशानियाँ भुला दीं। जिसकी पूरी दुनिया मेरे चेहरे की ख़ुशी में बसती है। जिसने मुझे कभी किसी काम की तकलीफ़ नहीं होने दी, क्योंकि शायद मेरी परेशानी देखकर उसका अपना दिल दुखता था। माँ ने मुझे हमेशा सँभालकर रखा। जब मैं ख़ुद को सँभालना नहीं जानता था, तब उन्होंने मुझे सँभाला। जब मुझे दुनिया की समझ नहीं थी, तब उन्होंने मुझे दुनिया की मुश्किलों से बचाकर रखा। उन्होंने मुझे कभी अकेले में रोने की नौबत नहीं आने दी। लेकिन आज वही बेटा किसी के प्यार में अंदर ही अंदर टूट रहा है। मैं एक ऐसी लड़की के लिए रो रहा हूँ, जिसे मैंने सिर्फ़ अपनी मोहब्बत नहीं, बल्कि अपनी पूरी ज़िंदगी का हिस्सा मान लिया। जिसके साथ मैंने अपने आने वाले कल के...